RAEBARELI LOK SABHA: रायबरेली से दो बार जीत चुकी है BJP, लेकिन राहुल ने अमेठी को छोड़ रायबरेली क्यों चुना?

रायबरेली से राहुल गांधी चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन सवाल ये है कि आखिर अमेठी की जगह इस बार राहुल गांधी ने रायबरेली को क्यों चुना? इस सवाल का जवाब रायबरेली के इतिहास में मिलता है

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RAEBARELI LOK SABHA: रायबरेली के सियासी रण की तस्वीर क्लीयर हो चुकी है। इस सीट से राहुल गांधी बीजेपी कि दिनेश प्रताप सिंह को टक्कर देने जा रहे हैं। यानी मां सोनिया गांधी की राजनीतिक विरासत को राहुल गांधी संभालने जा रहे हैं। लेकिन इस ख़बर के पीछे कई फ़ैक्टर हैं।

अमेठी से तीन बार सांसद चुने जाने के बाद 2019 के चुनाव में जब राहुल गांधी स्मृति इरानी से हारे, तो कयास यही थे कि राहुल अमेठी से ही कांग्रेस (CONGRESS) की राजनीतिक विरासत को संभालेंगे और डैमेज कंट्रोल करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक नई रणनीति तय की गई और वो ये कि रायबरेली से राहुल गांधी को चुनाव मैदान में उतारा जाए।

रायबरेली से राहुल को टिकट क्यों?

ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि मौजूदा वक़्त में रायबरेली (RAEBARELI LOK SABHA) कांग्रेस के लिए सबसे सुरक्षित सीट है। राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी (SONIA GANDHI) इसी सीट से चुनाव लड़ती रही हैं इसलिए इस सीट पर कांग्रेस के लिए इमोशनल फ़ैक्टर भी काम करता है। रायबरेली ऐसी सीट है जहां से 1980 के बाद से गांधी परिवार कोई सीट नहीं हारा, और यहां से पार्टी की जीत का स्ट्राइक रेट 80 फ़ीसदी से ज़्यादा का रहा है।

1957 में जब ये सीट अस्तित्व में आई तब से 2019 तक इस सीट पर 16 लोकसभा चुनाव और दो उप-चुनाव हुए। जिसमें से दोनों उपचुनाव मिलाकर 15 बार कांग्रेस, 2 बार BJP, 1977 मे BLD यानी भारतीय लोकदल को जीत हासिल हुई। इसके अलावा रायबरेली से चुनाव लड़ने की एक और वजह ये भी है कि 2019 के चुनाव में इस सीट से राहुल गांधी लोकसभा चुनाव हार चुके हैं।

बीजेपी को मिली है दो बार सफलता

आज़ादी के बाद से अब तक कांग्रेस रायबरेली सीट पर कुल 16 बार जीत हासिल कर चुकी है। । लेकिन ये नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस रायबरेली (RAEBARELI LOK SABHA) से तीन बार हार भी चुकी है। सबसे पहले इंदिरा गांधी को 1977 के आम चुनाव में भारतीय लोकदल के राजनारायण ने मात दी। उसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अशोक सिंह को दो बार 1996 और 1998 में विजयश्री मिली। हालांकि इन दोनों चुनावों में गांधी परिवार (GANDHI FAMILY) का कोई सदस्य नहीं बल्कि गांधी परिवार का क़रीबी ही उम्मीदवार था।

सदन जा सकती हैं प्रियंका गांधी

ख़बर ये भी आ रही है, कि अगर रायबरेली और वायानाड (RAEBARELI LOK SABHA, WAYANAD SEAT) दोनों सीट पर राहुल गांधी जीत जाते हैं, तो जिस सीट को राहुल गांधी (RAHUL GANDHI) खाली करेंगे वहां से प्रियंका गांधी को टिकट दिया जा सकता है। यही वजह है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी (PRIYANKA GANDHI) दोनों बीजेपी के निशाने पर आ गए हैं।

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