RUSSIA UKRAINE WAR: रूस और यूक्रेन में जारी जंग के बीच में एक ऐसा वक्त आ गया था कि जब पुतिन ने यूक्रेन पर परमाणु अटैक करने का विचार बना लिया था. उस वक्त पुतिन को समझाने के लिए कई बड़े नेताओं ने संपर्क किया लेकिन पुतिन ने किसी की भी एक ना सुनी. लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि उस वक्त पुतिन को भारत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉल की और ऐसा ना करने की अपील की. नतीजा ये रहा कि जंग में परमाणु हमले का विचार पुतिन ने बदल दिया.
WAR: एक कॉल ने रोका वर्ल्ड वार
जब कीव लेकर क्रेमलिन तक मिसाइलों का शोर गूंज रहा था… खारकिव से ज़ापोरिज़़्ज़िया तक की सड़कों पर खून की होली खेली जा रही थी… डॉनेस्क से रोस्तोव तक के रास्ते बम, बारूद और गोलियों की बरसात से छलनी हो चुके थे और कीव के मैदान में आग बरसने वाली थी… तब एक कॉल ने सैकड़ों लोगों की ज़िंदगी पर मंडरा रहे मौत के बादलों को शांत कर दिया… वो कॉल ना अमेरिका से थी… ना ब्रिटेन से.. ना फ्रांस से… वो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्रेमलिन में बैठे पुतिन के लिए थी…
WAR: टेंशन में था ‘सुपरपावर’, दबाने वाला था ट्रिगर
मॉस्को में परमाणु मिसाइल लोड हो चुकी थी… परमाणु युद्ध की घंटी बज चुकी थी… ज़ेलेंस्की का देश ज्वालामुखी की तरह जलने वाला था… रूसी राष्ट्रपति पुतिन के दिमाग में एक टारगेट सेट हो चुका था… ज़ेलेस्की की पराजय और कीव का खात्मा… लेकिन पीएम मोदी की युद्ध (RUSSIA UKRAINE WAR) के बीच में दखल ने पूरे माहौल को ही बदल दिया… ये दावा किसी और ने नहीं बल्कि दो अमेरिकी अधिकारियों ने किया है…
WAR: PM मोदी की अपील, पुतिन ने रोका परमाणु वॉर
रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 में शुरू हुआ संघर्ष परमाणु युद्ध की तरफ बढ़ रहा था. युद्ध (RUSSIA UKRAINE WAR) टालने में दुनिया के बड़े नेताओं ने दखल दी. अमेरिकी न्यूज चैनल CNN की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों का टकराव रोकने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की. दावा है कि पीएम मोदी और कई अन्य नेताओं की सक्रियता के चलते पुतिन ने परमाणु हमले का विचार बदला और यूक्रेन पर परमाणु हमला टाला जा सका.
PM मोदी ने किया फोन, रुका ‘महातबाही’ का प्लैन
युद्ध (RUSSIA UKRAINE WAR) के बीच में एक ऐसा वक्त आ चुका था, जब पुतिन की ना मिसाइल काम आ रहीं थी, ना ड्रोन और ना ही उनकी युद्धनीति. ज़ेलेंस्की के सामने पुतिन को अपनी शिकस्त किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं थी. ऐसे हालात में उनके सामने दो ही विकल्प थे. सरेंडर कर सुलह करना या फिर यूक्रेन पर परमाणु हमला कर उसे नेस्तनाबूद कर देना. रूस दुनिया में अपनी परमाणु ताकत के लिए जाना जाता है ऐसे में उसके लिए यूक्रेन पर हमला बाएं हाथ का खेल था
WAR: PM मोदी की एक कॉल ने रोका परमाणु युद्ध
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक उस वक्त अमेरिकी प्रशासन भी पुतिन के रवैये से काफी परेशान हो गया था. फिर बाइडन ने भारत समेत कई देशों से मदद मांगी. अधिकारी के मुताबिक अमेरिका ने उस वक्त जो कुछ भी किया उनमें से एक ना केवल रूस को सीधा संदेश देना था, बल्कि उन देशों को बातचीत के लिए चुना गया जिनकी बात पुतिन मान सकते थे और ऐसा हुआ भी.
जी20 से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई कई मीटिंग में पीएम मोदी ने हमेशा ही शांति की पेशकश करने की बात कही. पीएम मोदी ने जंग (RUSSIA UKRAINE WAR) नहीं समाधान की अपील की. पीएम साफ कह चुके हैं कि ये युद्ध का युग नहीं है.

