France Violence: नाबालिग़ की हत्या के बाद फ्रांस में हिंसा, कई शहरों में आगज़नी की घटनाएं, जानिए क्या है पूरा मामला

फ्रांस में नाबालिग़ की हत्या के बाद भड़की हिंसा की आग बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनकारी फ्रांस के सरकार दफ्तरों में घुस गए हैं। स्टोर पर लूट पाट कर रहे हैं। इमारतों को नुकसान पहुंचा रहा हैं। आलम ये कि फ्रांस के गृहमंत्रालय ने अलग अलग शहरों में 45 हज़ार पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया है। वहीं हिंसा मामले में अब तक तीन हज़ार से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किए गए हैं।

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France Violence: फ़्रांस से एक नाबालिग़ लड़के की हत्या के बाद से भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले बफ्ते से ही फ्रांस के कई शहरों में हिंसा जारी है और ये लगातार कई शहरों में फैलती जा रही है। आरोप है कि 17 साल के एक लड़के को एक पुलिस अफ़सर ने गोली मार दी, गोली उसके सीने में लगी और उसकी वहीं मौत हो गई। इस हत्या के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू किया। जो बाद में बहुत बड़ी हिंसा में बदल गई

France Violence: 27 जून को लड़के की हत्या

27 जून की सुबह हुई इस घटना के बाद इंसाफ़ के लिए आवाज़ उठाने के लिए हज़ारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे थे। शुरुआत में शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था लेकिन बाद में इसने भयानक रूप ले लिया और तोड़फोड़ की घटनाओं के साथ कई शहरों में आगजनी की गई। पुलिस पर हमला किया गया, पुलिस वालों ने आंसू गैस के गोले दागे। सरकारी दफ़्तरों में आग लगा दी गई। 29 जून की रात एक बस डिपो को भी आग के हवाले कर दिया गया। कई शहरों में प्रदर्शन (France Violence) के दौरान दुकानों में लूट पाट की घटनाएं भी सामने आई हैं।

France Violence: कई शहरों में भड़की हिंसा

फ्रांस के गृह मंत्री के मुताबिक़ हिंसा (France Violence) में शामिल क़रीब तीन हजार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। पूरे फ़्रांस में पुलिस के 50 हज़ार जवानों को तैनात किया गया है। हालांकि अब तक जिस तरह से हिंसा की आग बढ़ती जा रही है। उसे रोकने के लिए राष्ट्रपति इमैनुअल मैंक्रों की अपील भी काम करती नहीं दिख रही है। प्रदर्शनकारी देशभर के स्कूलों, टाउन हॉल और पुलिस स्टेशनों को निशाना बना रहे हैं। और तो और दुकानों में लूट पाट की जा रही है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले इस्तेमाल कर रही है। जबकि प्रदर्शनकारी ईंट, पत्थर और पटाखों के पुलिस पर हमला कर रहे हैं।

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France Violence: एक एक कर समझिए हिंसा की वजह

ये भी जानना ज़रूरी है कि आख़िर ये हिंसा (France Violence) हुई क्यों? वो घटना क्या थी जिसने फ्रांस के युवाओं को सड़क पर ला दिया और प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया?

  • दरअसल ये घटना 27 जून की है जब 17 साल के एक लड़के को ट्रैफ़िक चेक के लिए रोका गया
  • एक कार में तीन लड़के सवार थे, जिन्हें दो पुलिस वालों ने रोका
  • एक पुलिस वाला ड्राइवर साइड में खड़ा था, दूसरा पुलिस वाला कार के सामने खड़ा था
  • पुलिस का आरोप है कि पुलिस के रोकने के बावजूद उन्होंने गाड़ी स्टार्ट कर दी
  • पुलिसवाले को डर था कि वो किसी के ऊपर गाड़ी चढ़ा देंगे
  • एक पुलिसवाले ने 17 साल के नाहेल पर गोली चला दी
  • गोली उसके हाथ को चीरती हुई सीने में लगी
  • लड़के गाड़ी लेकर फ़रार हो गए लेकिन आगे जाकर दुर्घटना का शिकार हो गए
  • कार में सवार एक लड़का पकड़ा गया, एक फ़रार हो गया
  • नाहेल ने मौक़े पर ही दम तोड़ दिया
  • पुलिस वालों के ख़िलाफ़ नाहेल की मां ने मोर्चा खोला
  • नाहेल की मां के साथ हज़ारों को लोग सड़क पर उतर आए
  • घटना का विडियो सामने आने के बाद लोगों का ग़ुस्सा भड़क उठा
  • नॉनतेरे से शुरू हुई हिंसा और आगज़नी पूरे फ़्रांस में फैल गई

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अब आपको बताते हैं कि फ़्रांस में हिंसा कहां कहां हो रही है।

नॉनतेर से हिंसा (France Violence) की घटनाएं शुरू हुईं क्योंकि ये नॉनतेर ही है जहां पर उस अफ़्रीकी मूल के नाबालिग़ की हत्या की गई। जिसके बाद उसकी मां ने एक अपने बेटे की हत्या के लिए गुनहगारों को सज़ा देने की गुहार लगाई और एक मां की गुहार पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए

नॉनतेर पेरिस के बाहरी इलाक़े का एक शहर है। लिहाज़ा जल्दी ही पेरिस तक ये आग फैल गई और पेरिस में भी आगजनी और लूट की घटनाएं होने लगीं। ऐसे ही पेरिस के बाहरी इलाक़ों में ही नर्सेल और सविनि ले तापे में हिंसा भड़की।

सोशल मीडिया पर जैसे ही घटना का विडियो जारी हुआ तो फ़्रांस के बाक़ी शहरों में भी प्रदर्शन होने लगे। हिंसा की आग लिओन तक पहुंची। फ़्रांस की पोर्ट सिटी ओवेरलिवियत तक विरोध प्रदर्शन होने लगे। फ़्रांस की पुलिस के ख़िलाफ़ आक्रोश की आग ने कुछ और शहरों को जला दिया। तुलुज़म में भी ये आग पहुंची। उसके बाद लील्ला से भी जमकर हिंसा हुई।

France Violence: 14 से 18 साल के बच्चे कर रहे लीड

प्रदर्शन की आड़ में फ्रांस (France Violence) के बड़े बड़े स्टोर्स में लूटपाट की गई। ल्योन में प्रदर्शनकारियों को ना ही पुलिस का और ना ही लॉ एंड ऑर्डर वाले सिस्टम का कोई डर सता रहा है। सबसे ज़्यादा चौंकाने वाला दावा ये है कि फ्रांस की सड़कों पर 14 से 18 साल के युवा इन वारदातों को लीड कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने 2024 ओलंपिक के लिए बन रहे निर्माणाधीन स्विमिंग पूल तक को फूंक दिया है और पेरिस के 13वें अधिवेशन के पास आग लगा दी।

फ़्रांस में कहां कहां ‘आग’?

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