Mukhtar Ansari: मुख्तार को 10 तो भाई अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा, BSP सांसद की जाएगी सदस्यता

माफिया और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई गई। उसके बाद उसके बड़े भाई अफजाल अंसारी को भी चार साल की सजा सुनाई गई। जिसके बाद इफजाल अंसारी की लोकसभा सदस्यता चली जाएगी। दोनों पर बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का आरोप है। फिलहाल मुख्तार अंसारी यूपी की बांदा जेल में बंद है।

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मुख्तार अंसारी के बाद अब उसके बड़े भाई अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा सुनाई गई है। गाजीपुर MP-MLA की स्पेशल कोर्ट ने दोनों भाई को गैंगस्टर एक्ट में सजा सुनाई है। मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसपर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। वहीं, उसके भाई अफजाल अंसारी को चार साल की सजा सुनाई गई और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। फिलहाल मुख्तार अंसारी (MUKHTAR ANSARI) यूपी की बांदा जेल में बंद है। इस मामले में भी उसे वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ही कोर्ट में पेश किया गया था।

मुख्तार और अफजल अंसारी
मुख्तार और अफजाल अंसारी

अफजाल की जाएगी सदस्यता

अफजाल अंसारी गाजीपुर से सांसद है

अफजाल अंसारी गाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। अफजाल ने 2019 लोकसभा चुनाव में BJP उम्मीदवार और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा (MANOJ SINHA) को शिकस्त दी थी। वहीं, अब अफजाल अंसारी (AFZAL ANSARI) को 4 साल की सजा सुनाई गई है, जिसके बाद उसकी संसद सदस्यता जानी तय है। कानूनी रूप से अफजाल अंसारी की लोकसभा (LOKSABHA) की सदस्यता खत्म कर दी जाएगी।

गैंगस्टर एक्ट में सजा

मुख्तार अंसारी 18 साल पुराने कृष्णानंद राय हत्या केस में बरी हो गया था, लेकिन अब इस केस से जुड़े गैंगस्टर ऐक्ट में उसपर अदालत ने अपना फैसला सुनाया। आपको बता दें कि मुख़्तार अंसारी पर 2 मामलों में गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था। पहला गैंगस्टर एक्ट कृष्णानंद राय की हत्या (2005) मामले में और दूसरा ऐक्ट नंदकिशोर रुंगटा अपहरण केस में लगाया गया था।

पत्नी के साथ मुख्तार
पत्नी के साथ मुख्तार

अबतक 33 साल की सजा

2007 से ही यह मामला गाजीपुर की MP-MLA स्पेशल कोर्ट में था। 16 साल बाद अब मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई गई। मुख्तार अंसारी को सिंतबर 2022 से अबतक 4 मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है। सबसे पहले 22 सितंबर 2022 को उसे 7 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद 23 सितंबर 2022 को उसे दूसरे मामले में 5 साल की सजा मिली। वहीं एक और मामले में उसे MP-MLA कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई थी। अब उसे गैंगस्टर एक्ट में 10 साल की सजा और 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

भाई को हराने पर बीजेपी विधायक की हत्या की!

कृष्णानंद राय और अतीक अहमद
कृष्णानंद राय और मुख्तार अंसारी

2002 में कृष्णानंद राय मोहम्मदाबाद सीट से बीजेपी के विधायक थे। उस सीट पर मुख्तार अंसारी का भाई अफजाल अंसारी भी लड़ रहा था। इस सीट पर 1985 से मुख्तार अंसारी के परिवार का कब्जा रहा था, लेकिन उस विधानसभा चुनाव में बीजेपी विधायक कृष्णानंदराय ने अफजाल अंसारी को मात दे दी। दावा है कि भाई के चुनाव हारने पर मुख्तार अंसारी ने 29 अप्रैल 2005 को कृष्णानंद राय की हत्या करा दी। उस दौरान कृष्णानंद राय के काफिले पर एके 47 से 500 राउंड फायरिंग की गई थी। हमले के वक्त कृष्णानंद अपने काफिले के साथ एक क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन कर गाज़ीपुर से लौट रहे थे। उस हमले में कृष्णानंद और उनके गार्ड सहित 7 लोगों की भी मौत हो गई थी

जेल में रहकर रची हत्या की साजिश!

इस हत्याकांड के वक्त मुख्तार अंसारी जेल में था। आरोप है कि जेल में होने के बावजूद मुख्तार अंसारी उस प्लैनिंग का हिस्सा था। जेल में बैठकर मुख्तार अंसारी ने ही कृष्णानंद राय की हत्या की स्क्रिप्ट लिखी थी। आरोप है कि मुख्तार अंसारी के कहने पर ही उसके शार्प शूटर मुन्ना बजरंगी और अतीक उर रहमान ने कृष्णानंद की हत्या करवाई थी। हालांकि मुख्तार और उसके भाई अफजाल दोनों ही बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय मर्डर केस में जुलाई 2019 में बरी हो चुके हैं। इसके साथ ही मुख्तार अंसारी नंदकिशोर रुंगटा अपहरण केस से भी बरी हो चुका है।

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