Tihar Jail: तिहाड़ जेल की सुरक्षा पर उठे सवाल, जैमर के फ़ेल होने के साथ ही क़ैदियों के मोबाइल इस्तेमाल का दावा

तिहाड़ में देश के ख़तरनाक से ख़तरनाक गैंग के गुर्गे बंद हैं। दावा किया जा रहा है कि इन गैंग के गुर्गे जेल में रहकर बाकी क़ैदियों में अपना खौफ बनाना चाहते हैं। वो जेल में अपना इक्का चलाने के लिए दूसरे गैंग पर हावी होने की कोशिश में हैं। जानकारी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने सभी बैरक की सुरक्षा बढ़ा दी है।

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Tihar Jail: तिहाड़ जेल की सुरक्षा पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं। इस बार सवालों के कटघरे में जेल परिसर में लगाए गए जैमर हैं। दावा किया जा रहा है कि हाईटेक टैक्नॉलजी से लैस ये जैमर मोबाइल नेटवर्क रोकने में फेल हैं। नतीजा ये है कि जेल बैठकर कैदी मोबाइल पर धड़ल्ले से अपना गैंग चला रहे हैं।

तिहाड़ की दीवारों में हाईटेक टेक्नॉलजी के फेल होने का दावा किया जाता है। पहले गैंग… फिर गैंगवार और अब तिहाड़ में लगे जैमर पर सवाल खड़े होने लगे हैं। दावा है कि गैंगस्टर के मंसूबों, उनकी रणनीति और गैंग की हरकतों को ये जैमर भी नहीं माप पा रहे हैं। हाईटेक टेक्नॉलजी का दावा करने वाले जैमर के ठप होने का संकेत मिल रहे हैं।

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Tihar Jail: तिहाड़ में जैमर फ़ेल!

दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ (Tihar Jail) में जैमर की टेक्नोलॉजी पर अब सवाल उठने लगे हैं। इसके पीछे की वजह है तिहाड़ में जेल 2G, 3G और तो और 4G जैसे नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए कैदियों का पकड़े जाना। दावा है कि तिहाड़ की दीवारों के बीच अलग अलग बैरक में बंद कैदी बड़ी आसानी से इन जैमर को चकमा दे देते हैं। यहां से पंजाब, हरियाणा समेत देश के तमाम राज्यों में अपना गैंग चला रहे हैं। कैदी अपने शरीर के किसी हिस्से में फोन को छिपाकर तिहाड़ पहुंच जाते हैं। फिर किसी तीसरे शख्स के ज़रिए मोबाइल को तिहाड़ मंगा लेते हैं। जिनका इस्तेमाल सिर्फ कॉलिंग के लिए होता है। इन दावों को दिल्ली पुलिस के पूर्व अधिकारी भी मानते हैं।

Tihar Jail: हाल ही में गैंगस्टर की हुई हत्या

तिहाड़ (Tihar Jail) में 20,500 कैदी बंद हैं। जिनकी तादाद तिहाड़ की जेलों की क्षमता से कहीं ज़्यादा है। इन्हीं जेल में से कई जेल की बैरक में बड़े बड़े गैंगस्टर और माफिया हैं। जो अपनी पहुंच और रुतबे से मोबाइल जेल के अंदर चलाते हैं।

इन्हीं में से एक नाम है सुकेश चंद्रशेखर। जिसने मोबाइल के जरिए 200 करोड़ से ज्यादा की रकम का हेरफेर कर दिया था। सुकेश अपने बेहतर नेटवर्क के ज़रिए विडियो कॉल्स पर बैरक के अंदर से बड़े बड़े लोगों से डील कर चुका था। तो वहीं गैंगस्टर जितेंद्र गोगी, सिद्धू मूसेवाला, अंकित गुर्जर और टिल्लू ताजपुरिया की हत्या की साज़िश भी इन्हीं बैरक में बैठकर बनाई गई थी और जैमर उसे ट्रैक नहीं कर सका था।

Tihar Jail: तिहाड़ से गैंग चलाने का आरोप

तिहाड (Tihar Jail) सूत्रों के मुताबिक सभी 9 जेलों में कॉलिंग को ब्लॉक करने के लिए 3 टी HCBS जैमर टेक्नोलॉजी को लगाया गया है। ताकि नेटवर्क को खत्म किया जा सके। ये जैमर चोरी छिपे जेल में लाए गए मोबाइल को नेटवर्क से कनेक्ट नहीं होने देते। बैरक से बैठकर वसूली के कॉल किए जाते हैं। देश विदेश में धमकियों के कॉल किए जाते हैं। गैंगवॉर, हत्या का गणित बैठाया जाता है. और तिहाड़ को इसका अड्डा बनाया जाता है। इसी को शून्य करने लिए तिहाड़ प्रशासन अब नई रणनीति बनाने में जुटा है।

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तिहाड़ में 5 महीने में 5 बदलाव

पहला बदलाव
तिहाड़ की 16 जेलों में QRT तैनात

दूसरा बदलाव
3T HCBS जैमर का इस्तेमाल

तीसरा बदलाव
30 गैंगस्टर और इनके गुर्गों को किया शिफ़्ट

चौथा बदलाव
प्रिज़न ऐक्ट में संशोधन के लिए दिल्ली सरकार को लेटर
बंद क़ैदियों को दूसरे राज्य में शिफ़्ट किया जा सकेगा

पांचवां बदलाव
तिहाड़ जेल परिसर में नेट बर्ड भी लगा

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