Russia: पुतिन की सुपर कार किसी टैंक से कम नहीं, ना तो हमले का कोई असर और ना ही पानी में डूबेगी

पुतिन के ऑफिस क्रेमलिन पर ड्रोन से हमला हुआ है। इससे पहेल भी पुतिन की कार को विस्फोटक से उड़ाने की साज़िश रची गई। लेकिन इन हमलों के बाद भी पुतिन का कोई कुछ बिगाड़ नहीं पाया। आईए जानते हैं कि पुतिन की सुपरकार के बारे में जो ख़ुद में चलता फिरता किला है और कई बार उनकी जान बचा चुकी है।

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रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन पर यूक्रेन के ड्रोन हमले के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया। पुतिन पर वैसे इससे पहले भी हमले हो चुके हैं। सितंबर 2022 में पुतिन की कार पर मॉस्को में विस्फटोक फेंकने का दावा किया गया था। लेकिन बुलेटप्रूफ़ कार होने की वजह से पुतिन को कोई नुकसान नहीं पहुँचा था। पुतिन की सुपरकार भी अपने आप में बहुत ख़ास है। बताया जाता है कि पुतिन जिस कार से आते-जाते हैं उसका वज़न 7 टन है। पुतिन की ये कार बम, गोली और रासायनिक हमलो कों आसानी से झेल सकती है। इतना नहीं नहीं, पुतिन का कार गहरे पानी में डूबने की बजाय तैर सकती है। इस कार के अंदर बाहर से जाने वाली हवा को बंद किया जा सकता है।

पुतिन की कार को सुपरकार ऐसे ही नहीं कहा गया है। उसमें और भी कई खूबियाँ जिनकी वजह से उसे सुपरकार कहा जाता है। बताया जाता है कि एमरजेंसी हालात में ये कार ख़ुद ही ऑक्सिजन जेनरेट कर सकती है। रासायनिक हमला होने या फिर पानी में तैरने के दौरान कार को पूरी तरह से सील किया जा सकता है।ऐसे में अंदर बैठे लोगों के लिए ऑक्सिजन जेनरेटर लगा हुआ है। खास बात ये है कि इस कार में 4.4 लीटर का V8 इंजन लगा है। जिससे 860 हॉर्स पावर की ताक़त पैदा होती है। उसके बाद ये 7 टन वज़नी कार चंद सेकंड में ही हाई स्पीड पर दौड़ पाती है।

दिमित्री मेदवेदेव रूस के पूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रह चुके हैं।
दिमित्री मेदवेदेव रूस के पूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रह चुके हैं।

खास बात ये है कि पुतिन की कार को बम, गोली या फिर ड्रोन हमले में कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता है। क्योंकि पुतिन की कार के बाहरी ढाँचे में 8 इंच मोटी आर्मर्ड प्लेटिंग का इस्तेमाल किया गया है। यानि ये कार अपने आप में चलता फिरता टैंक है। इसके साथ ही पुतिन की कार में नाइट विज़न कैमरा, आंसू गैस दाग़ने वाली गन लगी है। जिसे आपात हालात में इस्तेमाल कर पुतिन की जान बचाई जा सकती है। इस कार को रूसी कंपनी ऑरेस सीनेट बनाती है जिसे रशिया साइंटिफिक रिसर्च ऑटोमोबाइल ऐंड ऑटोमेटिव इंजन इंस्टिट्यूट की मदद से बनाया गया है। ​

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