Pakistan: पाकिस्तान में एक और बड़ा संकट, महंगाई ने आजादी के समय का भी रिकॉर्ड तोड़ा

पाकिस्तान में इमरान और शहबाज़ सरकार में जंग छिड़ी है। पाकिस्तान की जनता पर महंगाई बम फूट पड़ा है। पाकिस्तान में दवाओं की कीमत बढ़ गई है। इस बात की जानकारी दवाइयों की क़ीमत तय करने वाली संस्था ने दी। पाकिस्तान में 14 से 20 प्रतिशत तक दवाइयों की क़ीमतों में इज़ाफ़ा किया गया है।

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पाकिस्तान में इमरान और शहबाज़ सरकार में जंग छिड़ी है। पाकिस्तान की जनता पर महंगाई बम फूट पड़ा है। पाकिस्तान में दवाओं की कीमत बढ़ गई है। इस बात की जानकारी दवाइयों की क़ीमत तय करने वाली संस्था ने दी। पाकिस्तान में 14 से 20 प्रतिशत तक दवाइयों की क़ीमतों में इज़ाफ़ा किया गया है।

आतंकवाद, महंगाई, हिंसा, तख़्तापलट पाकिस्तान में आम बात है। पाकिस्तान वैसा मुल्क है जहाँ दहशत आम बात हो चुकी है। कभी सरकारों के बीच की टक्कर, कभी सेना का तख़्तापलट। तो अब ये बदहाल मुल्क महंगाई से त्रस्त है। दाने दाने की मोहताज पाकिस्तान की जनता अब इलाज़ कराने के लिए तरस चुकी है। बीमारी में दवा ख़रीदने को तरस रही है। पाकिस्तान की ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी ने इस बात की जानकारी दी, कि उन दवाओं की क़ीमतें बढ़ाने की मंज़ूरी दी है। जिनका इस्तेमाल मरीज़ों की जान बचाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बाकी के दवाओं की क़ीमत भी 20 प्रतिशत बढ़ाने का फ़ैसला लिया गया।

पाकिस्तान की जनता पहले से ही महंगाई से बेहाल थी। अब सरकार ने एक और बोझ लाद दिया। इस बीच पाकिस्तान में लगातार कम होते विदेशी मुद्रा भंडार के कारण हेल्थकेयर सिस्टम पर असर दिख रहा है। पाकिस्तान में मरीज़ ज़रूरी दवाओं के संकट का सामना कर रहे हैं। पाकिस्तान में हृदय रोग, कैंसर और किडनी से जुड़ी दवाओं की भारी कमी है। इसके साथ ही पाकिस्तान में इंसुलिन की भी कमी है। पाकिस्तान वो मुल्क है जो इस समय दाने दाने को मोहताज है। वहाँ पर महंगाई ने कई साल के रेकॉर्ड को तोड़ा है। अर्थव्यवस्था ख़स्ताहाल है तो आवाम बेहाल है। खाने पीने के दाम आसमान पर पहुँच चुके हैं। लोगों को रोटी भी मिलनी मुश्किल है।

वहीं, पाकिस्तान की सरकार अपनी इमेज को चमकाने के लिए अरबों रुपये खर्च कर रही है। पाकिस्तान में राजनीतिक संकट के बीच अप्रैल में महंगाई की दर 36.4 फीसदी पर पहुंच गई। जो साउथ एशिया में सबसे अधिक है। ये 1964 के बाद सबसे अधिक है। इससे पहले मार्च में देश में महंगाई की दर 35.4 फीसदी थी। महंगाई दर बढ़ने से खाने पीने के दाम बेतहाशा बढ़े हैं। आटा, दूध,चिकन और मटन के दाम आसमान छू रहे हैं। खाने की चीजों के लिए मारामारी मची है।

वहीं पाकिस्तान में आर्थिक संकट का असर वहाँ के कई उद्योगों पर दिख रहा है। पाकिस्तान का ऑटो उद्योग भी प्रभावित है। क्योंकि बिक्री के आंकड़े सामने आए हैं वे और भी चौंकाने वाले हैं। दरअसल, पाकिस्तान में कार बनाने वाली कंपनियों को उनकी कारों के लिए ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। पाकिस्तान में जिस तरह से विदेशी मुद्रा भंडार गिर रहा है। उसे देखते हुए पाकिस्तान जल्द ही डिफॉल्टर घोषित हो जाएगा।

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