Sanjeev Jeeva Murder: मुख्तार अंसारी गैंग का सफाया तय, राइट हैंड मुन्ना बजरंगी के बाद लेफ्ट हैंड जीवा की भी हत्या, मायानगरी से जुड़ी हत्या की तार

मुख़्तार अंसारी गैंग से जुड़कर संजीव जीवा ने अपनी पहचान एक शूटर के तौर पर बनाई थी। संजीव जीवा और मुन्ना बजरंगी…ये दोनों मुख्तार अंसारी से राइट और लेफ्ट हैंड कहे जाते थे। लेकिन दोनों बेमौत मारे गए। सूत्रों के मुताबिक मुन्ना बजरंगी को जिस गैंग ने मारा था। उसी ने संजीव जीव की भी हत्या करवा दी। इस पूरी साज़िश का कनेक्शन मुंबई से भी जुड़ रहा है।

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लखनऊ की अदालत में जिस गैंगस्टर का मर्डर हुआ। उसका सीधा ताल्लुक माफिया मुख्तार अंसारी से था। मुख्तार के शूटर के तौर पर गैंगस्टर संजीव जीवा की पहचान होती थी। और मुख़्तार का क़रीबी होना ही उसकी मौत की वजह बन गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गैंगस्टर संजीव जीवा की हत्या उसी गैंगस्टर ने की। जिसपर मुख्तार के सबसे खास शूटर मुन्ना बजरंगी की हत्या का आरोप है। यानी जिसने मुन्ना बजरंगी को निपटाया, उसी ने संजीव जीवा की भी हत्या करवा दी। और इस गैंगस्टर का नाम है..सुनील राठी।

गैंगस्टर सुनील राठी

मुन्ना बजरंगी से जुड़ी हत्या की तार
गैंगस्टर सुनील राठी से संजीव जीवा की पुरानी रंजिश थी। सुनील राठी पर ही मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या कराने का आरोप है। 9 जुलाई 2018 को बागपत जेल में गोली मारकर मुन्ना बजरंगी की हत्या की गई थी। इस हत्याकांड के बाद सुनील राठी और संजीव जीवा के बीच की अदावत चरम पर पहुंच गई थी। लखनऊ की अदालत में गैंगस्टर जीवा को अचानक से नहीं मारा गया। बल्कि इस हत्याकांड की प्लैनिंग काफी दिनों से चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक़ हत्या के लिए लखनऊ कोर्ट की रेकी की गई थी। हत्या की प्लानिंग के लिए क़रीब 1 महीना से आरोपी विजय ग़ायब था।

जीवा
जीवा

आरोपी पर दो मामले पहले से दर्ज
दावा किया जा रहा है कि हत्या की प्लैनिंग के लिए आरोपी विजय यादव लगातार राठी गैंग के संपर्क में था। उत्तर प्रदेश के स्पेशल DG प्रशांत कुमार ने कहा कि विजय यादव उर्फ़ आनंद यादव जौनपुर का रहने वाला पाया गया है। अभी तक की जानकारी के हिसाब से इसपर २ मामले दर्ज हैं। इस मामले की पुलिस कमिशनरी स्तर पर जांच की जाएगी । एक असलहा मिला है, फॉरेंसिक टीम प्रशिक्षण कर रही है।

कोर्ट में जीवा की हत्या विजय ने की

मुंबई से जुड़ी हत्या की तार
आरोपी विजय यादव को लेकर जानकारी मिली है कि वो पिछले तीन महीने से मुंबई में रह रहा था। और कहा जा रहा है कि मुंबई में रहते हुए ही वो सुनील राठी गैंग के संपर्क में आया। मुंबई में ही उसे संजीव जीवा को निपटाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला। और इसके बाद हत्या की कैसी तैयारी की गई थी। संजीव जीवा के कोर्ट पहुंचने से काफी देर पहले ही आरोपी विजय वकील के भेष में एससीएसटी कोर्ट रूम के बाहर बैठ गया। कोई शक न करे इस लिए जेब में पेन लगाने के साथ हाथों में फाइल भी पकड़ा था। संजीव के साथ ही पीछे से कोर्ट रूम के भीतर गया। और मौका मिलते ही जीवा पर अपनी कोट के अंदर से रिवाल्वर निकाल कर पीछे से ताबड़तोड़ फायरिंग की। विजय ने एक शार्प शूटर की तरह हमला बोला। जिससे जीवा को पीछे पलटने का मौका भी वक्त नहीं मिला और मौके पर ही ढेर हो गया।

आरोपी विजय और उसके पिता

आरोपी की वकील ने की पिटाई
गैंगस्टर संजीव जीवा को गोली मारने के बाद आरोपी विजय बचने के लिए कोर्ट रूम से बाहर भागा। लेकिन वकीलों ने दौड़ाकर उसे दबोच लिया। इसके बाद वही पर उसकी पिटाई कर दी। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उसे वकीलों के बीच से छुड़ाया। उसके बाद पुलिस आरोपी विजय यादव को गिरफ्तार कर जेल ले गई।

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