Mann Ki Baat: PM ने शिक्षा जगत के लोगों को किया याद, उनके योगदान को बताया अमूल्य

पीएम मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम के 100वें एपिसोड में शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को भी शामिल किया। जो बिना किसी पहचान चाहत लिए अलग अलग क्षेत्र को बढ़ावा देने में जुटे हैं।

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पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का पहला एपिसोड 3 अक्टूबर 2014 को प्रसारित हुआ था। तब से लेकर अब तक यानी 100 एपिसोड पूरे होने तक हर बार पीएम मोदी ने उन अनसंग हीरोज़ का ज़िक्र किया है, जिन्होंने समाज के हित में काम किया। मन की बात के 100वें एपिसोड में भी खासकर पीएम ने शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का ज़िक्र किया।

उन्होंने कहा कि “आपको याद होगा एक बार हमने ओडिशा में ठेले पर चाय बेचने वाले स्वर्गीय डी. प्रकाश राव जी के बारे में चर्चा की थी। जो ग़रीब बच्चों को पढ़ाने के मिशन में लगे हुए थे। झारखंड के गांव में डिजीटल लाइब्रेरी चलाने वाले संजय कश्यप जी हों। कोविड के दौरान ई लर्निंग के ज़रिए कई बच्चों की मदद करने वाली हेमलता एन.के. जी हों। ऐसे अनेक शिक्षकों के उदाहरण हमने मन की बात में लिए हैं।”

इसके साथ ही भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाले अलग अलग समाज से आने वाले लोगों का भी ज़िक्र किया। जो निस्वार्थ भाव से इस काम में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि “हमने कल्चरल प्रिज़रवेशन के प्रयासों को भी मन की बात में लगातार जगह दी है। लक्ष्यद्वीप का कुमेल ब्रदर्स चैलेंजर्स क्लब हो या कर्नाटक के कवेमश्री जी कला चेतना जैसे मंच हों।”

अपने ही इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने अलग अलग क्षेत्र के लिए काम करने वाले इन लोगों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने कई लोगों और संगठन की चर्चा भी की।

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